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बस्ती जिला अस्पताल में भी शुरू हुई कोरोना की जांच

 

बस्ती( रुबल कमलापुरी )। ऑपरेशन के लिए अब मरीजों को इंतजार नहीं करना होगा। जिला अस्पताल बस्ती में कोरोना की जांच शुरू हो गई है। अस्पताल में शासन की ओर से भेजी गई ट्रू-नेट मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। इस मशीन से एक घंटे में दो सैम्पल की जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। जांच के लिए सैम्पल आईसीएमआर गोरखपुर या एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन तक लग जा रहा है। जांच रिपोर्ट में देरी से सबसे ज्यादा परेशानी ऑपरेशन वाले मरीजों को हो रही थी। इस जांच में मरीज के कोविड-19 से संक्रमित न होने के पता चल जाएगा। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती के ऑपरेशन व निजी अस्पतालों में सभी तरह के ऑपरेशन से पहले कोरोना की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीज का ऑपरेशन किया जा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या निजी अस्पतालों में आ रही है। यहां बिना रिपोर्ट देखे ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है।
एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि जिला अस्पताल में मशीन से एक घंटे में दो सैम्पल की जांच रिपोर्ट मिलेगी। ऑपरेशन वाले मरीजों को जांच में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा गंभीर मरीजों की भी प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जाएगी। इससे उनके इलाज में चिकित्सकों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जो मेडिकल स्टॉफ एल-1 व एल-2 अस्पताल में ड्यूटी कर रहे हैं, उनकी भी जांच इसी मशीन से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वे सामान्य रूप से अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। आईसीएमआर ने तीन तरह की जांच को दे रखी है मान्यता आईसीएमआर नई दिल्ली ने तीन तरह की कोरोना जांच को मान्यता दे रखी है। इसमें ट्रू-नेट जांच भी शामिल है। इसमें आरटीपीसीआर कंफर्मेटरी टेस्ट बड़े वॉयरालोजी लैब में होता है। दूसरा कंफर्मेटरी टेस्ट सीबीनॉट मशीनों से किया जा सकता है। यह मशीनें आम तौर से टीबी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। तीसरी तरह की जांच ट्रूनेट मशीन से होता है। इसमें स्क्रीनिंग व कंफर्मेटरी टेस्ट दोनों तरह की सुविधा है। शवों की जांच में भी होगी सुविधा अज्ञात कारणों से हुई मौत के मामलों में कोरोना की जांच कराई जा रही है। इसके बाद या तो शव को जांच रिपोर्ट आने तक सुरक्षित रखना पड़ता है या कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रशासन को अपनी देख-रेख में उसका अंतिम संस्कार कराना पड़ता है। जांच रिपोर्ट आने तक शवों का पोस्मार्टम भी नहीं हो पाता है। ट्रू-नॉट मशीन के काम करना शुरू कर देने से इसमें सुविधा होगी।

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