Lakhimpur-khiri

एकात्म मानववाद के प्रणेता हैं बाबा विरसा सिंह : बाबा गगनदीप सिंह

मनाई गई बाबा विरसा सिंह की 87 वीं जयंती

(विकास दीक्षित)पलियाकलां-खीरी। सम्पूर्ण मानवजाति को एक समान होने का संदेश देते हुये परमपूज्य बाबा विरसासिंह सिंह ने सामाजिक भेदभाव व कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया है , एकात्म मानववाद के प्रणेता है बाबा विरसा सिंह उक्त उद्गार बाबा जी के उत्तराधिकारी बाबा गगन दीप सिंह ने सर्वधर्म सदभाव के विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र गोविन्द सदन महरौली दिल्ली के संस्थापक बाबा विरसा सिंह महराज का 87 वां जन्मदिन स्थानीय चलतुआ गुरुद्वारे पर बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाये जा रहे उत्सव के दौरान व्यक्त किये।
22 फरवरी सन 1935 में बाबा विरसासिंह का जन्म सरावां बोधला, मलोठ पंजाब में हुआ था। मुख्यतयः जन्मोत्व बाइस फरवरी को ही गोविन्द सदन दिल्ली में मनाया जाता है जिसके पश्चात देशभर में स्थित बाबा जी द्वारा स्थापित गुरुद्वारों पर क्रमशः जयंती उत्सव मनाया जाता है। इसी क्रम में मैलानी जंगल के मध्य जनपद पीलीभीत क्षेत्र के ग्राम चलतुआ स्थित गुरुद्वारे पर पन्द्रह मार्च प्रातः से अखण्ड पाठ, निरन्तर शतचण्डी पाठ, जापु साहिब व हनुमान चालीसा का पाठ व हवन पूजन आदि आरम्भ हुआ जिसका समापन तीसरे दिन सत्रह मार्च को त्रिदिवसीय भंडारे का साथ हुआ।

बताते चलें कि प्राथमिक शिक्षा काल से ही आध्यात्मिक रुझान के कारण बाबा विरसा सिंह ने विभिन्न आद्यात्मिक गुरुजनो से शिक्षा दीक्षा ग्रहण करते हुये दिल्ली के महरौली के शांतिपूर्ण क्षेत्र में अपने आद्यात्मिक आश्रम स्थापित किया, जहाँ सम्पूर्ण मानव जाति को एकात्म मानववाद के सूत्र में पिरोने के पावन उद्देश्य से गोविन्द सदन की स्थापना करते हुये जीसस क्राइस्ट चर्च व मस्जिद की स्थापना करते हुऐ गुरुग्रन्थ साहब अखण्ड पाठ, भगवान शिव का अखण्ड धूना हवन, जापु साहिब, हनुमान चालीसा, नमाज, अरदास आदि के साथ सभी श्रद्धालुओं को उनके धर्म की मान्यताओं के अनुसार पूजा पाठ का आरम्भ करवाया गया। चौबीसों घण्टे चलने वाले अखण्ड धुने में देशी घी, हवन मसाले, मेवा मिष्ठान, फलफूल व नारियल की आहुतियों के साथ धन धन बाबा श्रीचन्द साहिब, ॐ नमः शिवाय आदि जप व पाठ से गुंजायमान गोविन्द सदन के लगभग पचहत्तर एकड़ क्षेत्र को विश्वप्रसिद्ध तीर्थ के रूप में स्थापित कर दिया। ईश्वरीय शक्ति के अवतार के रूप में विख्यात बाबा जी के इंटरव्यू को आयीं वाशिंगटन पोस्ट अमेरिका की मान्यताप्राप्त पत्रकार मैरीपैट कोरफिशर बाबा के दिव्य स्वरूप व एकात्म मानववाद की प्रेरणा वशीभूत होकर बाबा जी की सेवा में ही समर्पित हो गयीं। जानकारों के अनुसार मैरी के समर्पण व मानव सेवा से प्रसन्न होकर बाबा जी ने मैरी को गोविन्द सदन स्थित चर्च का प्रमुख सेवादार बना देश भर में मानवसेवा का दूत बनाकर महत्त्व जिम्मेदारी प्रदान की गई। भारत मे दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा आदि प्रान्तों सहित विदेशों में भी गोविन्द सदन के अनुरूप आश्रमों की स्थापना की गई। बाबा जी की ख्याति व चमत्कारों से वशीभूत लाखों श्रद्धालुओं व भक्तगणों में राजकीय अधिकारियों, राजनेताओं व उद्योगपतियों सहित भारी संख्या में सभी धर्मों व वर्गों के लोग शामिल थे। सन उन्नीस सौ सत्तानबे में बाबा जी प्रभु सिमरन के साथ देवत्व में विलीन हो गये। वर्तमान में उनके उत्तराधिकारी के रूप में बाबा गगनदीप सिंह साधना में लीन हैं जोकि समय समय पर आम जनता व श्रद्धालुओं को स्नेह आशीर्वचन प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर बाबा गगनदीप सिंह
मैरी पैटकोरफिशर,
गोविन्द सदन के सेवादार सुखबीर सिंह, चलतुआ के बाबा सरदार भूपेंद्र सिंह, सरदार सुखवीर सिंह, शिवसदन गणगंगा के बाबा टहल सिंह, वर्ल्ड बैंक अधिकारी सुमित सिंह, मर्चेंट नेवी से बोनी सिंह, शाहजहाँपुर एमएम फार्म के वरिष्ठ किसान सरदार तारा सिंह, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनन्द दुबे,
चलतुआ के मुख्य सेवादार गोपी सिंह, अमरीक सिंह,
गुरुद्वारा मंजीत साहब करनाल के प्रबंधक सुखवंत सिंह सहित भारी संख्या में जनपद खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत सहित आसपास जिलों के गणमान्यजन व स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक सम्मिलित रहे।
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